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📍 New Delhi, Delhi, India

🕉️ SAMIR MEDHAJ ASTRO

प्रामाणिक वैदिक मास पंचांग • Traditional Hindu Wall Panchang
🪷 चैत्र - वैशाख मास वि. सं. 2104
ऋतु: वसन्त ऋतु • पक्ष: कृष्ण / शुक्ल • अयन: उत्तरायण
अप्रैल2047
APRIL2047
विक्रम संवत् 2104
श्रीशालिवाहन शके 1969
फसली सन् 1454
इस्लामी हिजरी सन् 1469
बंगला संवत् 1453
नेपाली संवत् 1167
☀️ सूर्य नक्षत्र व संक्रान्ति सौर मंडल
सूर्य नक्षत्र प्रवेश: ता. 11/12 (मध्यम काल)
सूर्य नवीन नक्षत्र मंडल में प्रवेश
मेष संक्रान्ति: ता. 16/17 (दिन काल)
सूर्य का राशि परिवर्तन (संक्रान्ति पुण्यकाल)
सूर्य नक्षत्र संचरण: ता. 24/25 (सायं काल)
सूर्य का परवर्ती नक्षत्र संचरण
🪷 एकादशी व्रत विशेष श्रीहरि आराधना
कृष्ण पक्ष एकादशी माह के पूर्वार्ध
पारण: द्वादशी तिथि प्रातः काल
भगवान विष्णु की आराधना, उपवास एवं संकीर्तन से पापों का क्षय होता है।
शुक्ल पक्ष एकादशी माह के उत्तरार्ध
पारण: द्वादशी तिथि प्रातः काल
विष्णु लोक की प्राप्ति व सर्व मनोकामना पूर्ति का पावन दिन।
महामंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
🌕 पूर्णिमा व अमावस्या 🌑 पर्व निर्णय
🌕 मासिक पूर्णिमा व्रत व सत्यनारायण पूजन
दिनांक: माह के मध्य
श्री सत्यनारायण भगवान की कथा, चंद्र दर्शन व अर्घ्य, पवित्र नदियों में स्नान-दान।
🌑 मासिक अमावस्या (पितृ तर्पण व दान)
दिनांक: माह का अंत
पितरों की शांति, पीपल पूजन, दीपदान एवं अन्न-वस्त्र दान।
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
शुक्ल द्वितीया 16
31
☼ 06:12 ☼ 18:38
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:12+
शुक्ल द्वितीया 17
1
☼ 06:11 ☼ 18:39
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:11+
शुक्ल द्वितीया 18
2
☼ 06:10 ☼ 18:39
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:10+
शुक्ल प्रतिपदा 19
3
☼ 06:09 ☼ 18:40
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:09+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 20
4
☼ 06:08 ☼ 18:40
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:08+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 21
5
☼ 06:07 ☼ 18:41
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:07+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 22
6
☼ 06:05 ☼ 18:41
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:05+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 23
7
☼ 06:04 ☼ 18:42
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:04+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 24
8
☼ 06:03 ☼ 18:42
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:03+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 25
9
☼ 06:02 ☼ 18:43
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:02+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 26
10
☼ 06:01 ☼ 18:44
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:01+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 27
11
☼ 06:00 ☼ 18:44
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 42:00+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 28
12
☼ 05:59 ☼ 18:45
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:59+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 29
13
☼ 05:58 ☼ 18:45
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:58+
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
शुक्ल प्रतिपदा 30
14
☼ 05:57 ☼ 18:46
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:57+
☀️ मेष संक्रांति
☀️ Mesha Sankranti
🌸 Chaitra Navratri Begins (Ghatasthapana)
कृष्ण अमावस्या 1
15
☼ 05:56 ☼ 18:46
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:56+
🌑 Somvati Amavasya (Chaitra Amavasya)
कृष्ण अमावस्या 2
16
☼ 05:55 ☼ 18:47
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:55+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण अमावस्या 3
17
☼ 05:54 ☼ 18:48
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:53+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण अमावस्या 4
18
☼ 05:52 ☼ 18:48
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:52+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण अमावस्या 5
19
☼ 05:51 ☼ 18:49
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:51+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण अमावस्या 6
20
☼ 05:50 ☼ 18:49
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:50+
🌑 Shani Amavasya (Vaishakha Amavasya)
कृष्ण अमावस्या 7
21
☼ 05:49 ☼ 18:50
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:49+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण अमावस्या 8
22
☼ 05:48 ☼ 18:50
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:48+
🌑 Somvati Amavasya (Vaishakha Amavasya)
कृष्ण अमावस्या 9
23
☼ 05:48 ☼ 18:51
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:47+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण अमावस्या 10
24
☼ 05:47 ☼ 18:52
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:47+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण अमावस्या 11
25
☼ 05:46 ☼ 18:52
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:46+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण अमावस्या 12
26
☼ 05:45 ☼ 18:53
🌑 मेष
⭐ अश्विनी 41:45+
🌑 Vaishakha Amavasya
कृष्ण चतुर्दशी 13
27
☼ 05:44 ☼ 18:53
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:44+
🕉️ Masik Shivaratri
कृष्ण चतुर्दशी 14
28
☼ 05:43 ☼ 18:54
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:43+
🕉️ Masik Shivaratri
कृष्ण चतुर्दशी 15
29
☼ 05:42 ☼ 18:55
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:42+
🕉️ Masik Shivaratri
कृष्ण चतुर्दशी 16
30
☼ 05:41 ☼ 18:55
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:41+
🕉️ Masik Shivaratri
कृष्ण चतुर्दशी 17
1
☼ 05:40 ☼ 18:56
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:40+
🕉️ Masik Shivaratri
कृष्ण चतुर्दशी 18
2
☼ 05:39 ☼ 18:56
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:39+
🕉️ Masik Shivaratri
कृष्ण चतुर्दशी 19
3
☼ 05:39 ☼ 18:57
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:39+
🕉️ Masik Shivaratri
कृष्ण चतुर्दशी 19
4
☼ 05:38 ☼ 18:58
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 41:38+
🕉️ Masik Shivaratri
तारीख : 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30
सूर्योदय 06:11 06:10 06:09 06:08 06:07 06:05 06:04 06:03 06:02 06:01 06:00 05:59 05:58 05:57 05:56 05:55 05:54 05:52 05:51 05:50 05:49 05:48 05:48 05:47 05:46 05:45 05:44 05:43 05:42 05:41
सूर्यास्त 18:39 18:39 18:40 18:40 18:41 18:41 18:42 18:42 18:43 18:44 18:44 18:45 18:45 18:46 18:46 18:47 18:48 18:48 18:49 18:49 18:50 18:50 18:51 18:52 18:52 18:53 18:53 18:54 18:55 18:55
🌿 मूल विचार ता.1 को अश्विनी (अंत: 42:11+) • ता.2 को अश्विनी (अंत: 42:10+) • ता.3 को अश्विनी (अंत: 42:09+) • ता.4 को अश्विनी (अंत: 42:08+) • ता.5 को अश्विनी (अंत: 42:07+) • ता.6 को अश्विनी (अंत: 42:05+) • ता.7 को अश्विनी (अंत: 42:04+) • ता.8 को अश्विनी (अंत: 42:03+) • ता.9 को अश्विनी (अंत: 42:02+) • ता.10 को अश्विनी (अंत: 42:01+) • ता.11 को अश्विनी (अंत: 42:00+) • ता.12 को अश्विनी (अंत: 41:59+) • ता.13 को अश्विनी (अंत: 41:58+) • ता.14 को अश्विनी (अंत: 41:57+) • ता.15 को अश्विनी (अंत: 41:56+) • ता.16 को अश्विनी (अंत: 41:55+) • ता.17 को अश्विनी (अंत: 41:53+) • ता.18 को अश्विनी (अंत: 41:52+) • ता.19 को अश्विनी (अंत: 41:51+) • ता.20 को अश्विनी (अंत: 41:50+) • ता.21 को अश्विनी (अंत: 41:49+) • ता.22 को अश्विनी (अंत: 41:48+) • ता.23 को अश्विनी (अंत: 41:47+) • ता.24 को अश्विनी (अंत: 41:47+) • ता.25 को अश्विनी (अंत: 41:46+) • ता.26 को अश्विनी (अंत: 41:45+) • ता.27 को अश्विनी (अंत: 41:44+) • ता.28 को अश्विनी (अंत: 41:43+) • ता.29 को अश्विनी (अंत: 41:42+) • ता.30 को अश्विनी (अंत: 41:41+)
⚡ पंचक विचार सामान्य: इस मास पंचक का विशेष दोष नहीं से सामान्य काल तक। (शुभ कार्यों हेतु मुहूर्त अनुकूल है।)
⚠️ भद्रा-विचार ता. 4 दिन दिन 11:15 से रात्रि 09:40 तक [पाताललोक] • ता. 12 रात रात्रि 08:20 से प्रातः 07:15 तक [स्वर्गलोक] • ता. 19 दिन दोपहर 01:10 से रात्रि 11:35 तक [मृत्युलोक] • ता. 27 दिन प्रातः 10:45 से सायं 06:12 तक [पाताललोक]
🚩 व्रत - त्यौहार कथा व मंत्र सहित
05 अप्
गुरु - मासिक व्रत व उपवास
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
15 अप्
रवि - मासिक पूर्णिमा / संक्रान्ति
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
⭐ राशि - फल 12 राशियां
मेष: स्वास्थ्य में सुधार होगा, रोग-शत्रु दोनों पराजित होंगे। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंगे।
वृष: व्यवसाय में वृद्धि होगी, झूठा आरोप अथवा बंधन का भय रहेगा। आर्थिक लेन-देन में सतर्कता बरतें।
मिथुन: धन-सम्पत्ति में वृद्धि होगी, विरोधी समझौता कर सकते हैं। पारिवारिक जीवन में हर्षोल्लास रहेगा।
कर्क: समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा, पूर्व में किए गए श्रम की पूरी उपलब्धि प्राप्त होगी।
सिंह: अल्प लाभ होगा, नौकरी में प्रतिकूल स्थानान्तरण का योग बन सकता है। व्यय पर नियंत्रण रखें।
कन्या: मानसिक उलझन बनी रहेगी, परिवार में व्यय हो सकता है। माह के उत्तरार्ध में आकस्मिक लाभ संभव।
तुला: व्यवसाय में वृद्धि होगी, प्रेम सम्बन्धों में निखार आएगा। भौतिक सुख-साधनों की प्राप्ति होगी।
वृश्चिक: धन व संतान पक्ष से संतुष्टि मिलेगी, गुरुजनों के मार्गदर्शन से कठिन कार्य सिद्ध होंगे।
धनु: स्त्री-संतान से मतभेद की संभावना, माता-पिता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
मकर: व्यर्थ के लड़ाई-झगड़े से बचें, माह के अंत में अनुकूलता आएगी व रुके धन की प्राप्ति होगी।
कुम्भ: अकस्मात कोई विपत्ति टल जाएगी, पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा।
मीन: आय की अपेक्षा व्यय अधिक होगा, उच्च अधिकारियों से मतभेद टालें। धार्मिक यात्रा के योग हैं।
🔢 अंक ज्योतिष (Numerology) मूलांक 1-9
यूनिवर्सल मंथ अंक: 8 कर्म, अनुशासन व आर्थिक उपलब्धि का मास (शनि)
मूलांक 1 (स्वामी: सूर्य) जन्म: 1, 10, 19, 28
कार्यक्षेत्र में नेतृत्व का अवसर मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। नवीन योजनाओं का क्रियान्वयन सफल रहेगा।
शुभ अंक: 1, 9, 3 | शुभ रंग: सुनहरा, पीला, नारंगी
उपाय: प्रातः सूर्य देव को रोली मिश्रित जल से अर्घ्य दें।
मार्च - 2047
रवि
3
10
17
24
31
सोम
4
11
18
25
-
मंगल
5
12
19
26
-
बुध
6
13
20
27
-
गुरु
7
14
21
28
-
शुक्र
1
8
15
22
29
शनि
2
9
16
23
30
Chaitra Navratri & Shri Ram Sacred Illustration
॥ जय श्री राम • चैत्र नवरात्रि व रामनवमी पावन आशीर्वाद • ॐ रामाय नमः ॥
मई - 2047
रवि
5
12
19
26
-
सोम
6
13
20
27
-
मंगल
7
14
21
28
-
बुध
1
8
15
22
29
गुरु
2
9
16
23
30
शुक्र
3
10
17
24
31
शनि
4
11
18
25
-
🌿
आरोग्य व मौसमी स्वास्थ्य विचार: शरद ऋतु में पित्त शमन हेतु गाय का शुद्ध घी, मुलेठी, त्रिफला, आंवला व नारियल जल का सेवन अत्यंत लाभकारी है। अधिक खट्टे, तीखे व तले पदार्थों से परहेज करें।
ऋतु अनुकूल आहार (Cancer-Fighting & Immunity Foods): अलसी (Flax seeds), हल्दी-काली मिर्च, गिलोय, तुलसी, ब्रोकोली, चुकंदर, अनार, हरी चाय व सहजन स्वास्थ्य संवर्धन व रोग प्रतिरोधक क्षमता में अत्यंत गुणकारी हैं।