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📍 New Delhi, Delhi, India

🕉️ SAMIR MEDHAJ ASTRO

प्रामाणिक वैदिक मास पंचांग • Traditional Hindu Wall Panchang
🪷 आश्विन - कार्तिक मास वि. सं. 2098
ऋतु: शरद ऋतु • पक्ष: कृष्ण / शुक्ल • अयन: दक्षिणायन
अक्टूबर2041
OCTOBER2041
विक्रम संवत् 2098
श्रीशालिवाहन शके 1963
फसली सन् 1449
इस्लामी हिजरी सन् 1463
बंगला संवत् 1448
नेपाली संवत् 1161
☀️ सूर्य नक्षत्र व संक्रान्ति सौर मंडल
सूर्य चित्रा: ता. 11 (रात 06:10)
सूर्य चित्रा नक्षत्र में प्रवेश
तुला संक्रान्ति: ता. 17 (दिन 10:20)
सूर्य तुला राशि में प्रवेश (पुण्यकाल दोपहर तक)
सूर्य स्वाती: ता. 24 (रात 02:02)
सूर्य स्वाती नक्षत्र में प्रवेश
🪷 एकादशी व्रत विशेष श्रीहरि आराधना
इन्दिरा एकादशी 06 अक्टूबर, मंगलवार
पारण: ता. 07 को प्रातः 06:18 से 08:38 तक
आश्विन कृष्ण एकादशी का यह पावन व्रत पितरों को यमलोक की यातना से मुक्ति दिलाकर मोक्ष प्रदान करता है। राजा इन्द्रसेन ने अपने पितरों के उद्धार हेतु यह व्रत किया था।
पापांकुशा एकादशी 21 अक्टूबर, बुधवार
पारण: ता. 22 को प्रातः 06:26 से 08:43 तक
आश्विन शुक्ल एकादशी मनुष्य के समस्त जाने-अनजाने पापों पर अंकुश लगाती है। भगवान पद्मनाभ की अर्चना से अश्वमेध यज्ञ तुल्य पुण्य एवं विष्णुलोक की प्राप्ति होती है।
महामंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
🌕 पूर्णिमा व अमावस्या 🌑 पर्व निर्णय
🌕 शरद पूर्णिमा (कोजागरी / रास पूर्णिमा)
दिनांक: 25/26 अक्टूबर, रविवार/सोमवार
चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है। खुले आकाश में रखी खीर का भोग लगाने से असाध्य रोगों का नाश होता है। माँ लक्ष्मी 'को जागर्ति' कहते हुए पृथ्वी भ्रमण करती हैं।
🌑 सर्वपितृ मोक्ष शनिश्चरी अमावस्या (पितृ विसर्जन)
दिनांक: 10 अक्टूबर, शनिवार
16 दिवसीय महालय श्राद्ध पक्ष का समापन। ज्ञात-अज्ञात सभी पूर्वजों का तर्पण, पिंडदान व ब्राह्मण भोजन कराने से पितृदोष की शांति व वंशवृद्धि होती है। शनिवार पड़ने से शनि शांति का महासंयोग।
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
शुक्ल चतुर्थी 12
29
☼ 06:13 ☼ 18:09
🌙 तुला ➔ वृश्चिक 20:24
⭐ विशाखा 26:47+
🐘 Vinayaka Chaturthi
शुक्ल पंचमी 13
30
☼ 06:13 ☼ 18:08
🌙 वृश्चिक
⭐ अनुराधा 27:58+
शुक्ल षष्ठी 14
1
☼ 06:14 ☼ 18:06
🌙 वृश्चिक ➔ धनु 28:34+
⭐ ज्येष्ठा 28:34+
शुक्ल सप्तमी 15
2
☼ 06:14 ☼ 18:05
🌙 धनु
⭐ मूल 28:32+
शुक्ल अष्टमी 16
3
☼ 06:15 ☼ 18:04
🌙 धनु
⭐ पूर्वाषाढ़ा 27:51+
🔱 Maha Ashtami (Durga Ashtami)
शुक्ल नवमी 17
4
☼ 06:15 ☼ 18:03
🌙 धनु ➔ मकर 09:35
⭐ उत्तराषाढ़ा 26:33+
⚔️ Maha Navami / Ayudha Puja
शुक्ल दशमी 18
5
☼ 06:16 ☼ 18:02
🌙 मकर
⭐ श्रवण 24:42+
🏹 Vijayadashami (Dussehra)
शुक्ल एकादशी 19
6
☼ 06:16 ☼ 18:01
🌙 मकर ➔ कुंभ 11:36
⭐ धनिष्ठा 22:25
🪷 Papankusha Ekadashi
शुक्ल द्वादशी 20
7
☼ 06:17 ☼ 18:00
🌙 कुंभ
⭐ शतभिषा 19:49
🔱 Soma Pradosh Vrat
शुक्ल त्रयोदशी 21
8
☼ 06:17 ☼ 17:58
🌙 कुंभ ➔ मीन 11:46
⭐ पूर्वभाद्रपदा 17:05
शुक्ल पूर्णिमा 22
9
☼ 06:18 ☼ 17:57
🌕 मीन
⭐ उत्तरभाद्रपदा 14:21
🌕 Ashvina Purnima
🌕 Sharad Purnima (Kojagari Lakshmi Puja)
कृष्ण प्रतिपदा 23
10
☼ 06:19 ☼ 17:56
🌙 मीन ➔ मेष 11:49
⭐ रेवती 11:49
कृष्ण द्वितीया 24
11
☼ 06:19 ☼ 17:55
🌙 मेष
⭐ अश्विनी 09:39
कृष्ण तृतीया 25
12
☼ 06:20 ☼ 17:54
🌙 मेष ➔ वृषभ 13:39
⭐ भरणी 07:58
🌕 Karwa Chauth
कृष्ण चतुर्थी 26
13
☼ 06:20 ☼ 17:53
🌙 वृषभ
⭐ कृत्तिका 06:56
कृष्ण पंचमी 27
14
☼ 06:21 ☼ 17:52
🌙 वृषभ ➔ मिथुन 18:46
⭐ रोहिणी 06:38
कृष्ण षष्ठी 28
15
☼ 06:21 ☼ 17:51
🌙 मिथुन
⭐ मृगशिरा 07:05
कृष्ण सप्तमी 29
16
☼ 06:22 ☼ 17:50
🌙 मिथुन ➔ कर्क 27:40+
⭐ आर्द्रा 08:18
कृष्ण अष्टमी 30
17
☼ 06:23 ☼ 17:49
🌙 कर्क
⭐ पुनर्वसु 10:12
☀️ तुला संक्रांति
☀️ Tula Sankranti
🌟 Ahoi Ashtami
कृष्ण नवमी 1
18
☼ 06:23 ☼ 17:48
🌙 कर्क
⭐ पुष्य 12:39
कृष्ण दशमी 2
19
☼ 06:24 ☼ 17:47
🌙 कर्क ➔ सिंह 15:29
⭐ आश्लेषा 15:29
कृष्ण एकादशी 3
20
☼ 06:25 ☼ 17:46
🌙 सिंह
⭐ मघा 18:29
🪷 Rama Ekadashi
कृष्ण द्वादशी 4
21
☼ 06:25 ☼ 17:45
🌙 सिंह ➔ कन्या 28:14+
⭐ पूर्वाफाल्गुनी 21:30
🐄 Govatsa Dwadashi (Bachha Baras)
कृष्ण त्रयोदशी 5
22
☼ 06:26 ☼ 17:44
🌙 कन्या
⭐ उत्तराफाल्गुनी 24:22+
🔱 Bhauma Pradosh Vrat
🪙 Dhanteras (Dhanatrayodashi)
कृष्ण चतुर्दशी 6
23
☼ 06:26 ☼ 17:43
🌙 कन्या
⭐ हस्त 26:58+
🔥 Kali Chaudas
🪔 Narak Chaturdashi (Choti Diwali)
कृष्ण अमावस्या 7
24
☼ 06:27 ☼ 17:42
🌑 कन्या ➔ तुला 16:08
⭐ चित्रा 29:13+
🌑 Kartika Amavasya
🪔 Narak Chaturdashi (Choti Diwali)
🪔 Diwali (Lakshmi Puja)
+1 more...
कृष्ण अमावस्या 8
25
☼ 06:28 ☼ 17:41
🌑 तुला
⭐ स्वाति 31:04+
🌑 Kartika Amavasya
शुक्ल प्रतिपदा 9
26
☼ 06:28 ☼ 17:40
🌙 तुला ➔ वृश्चिक 26:10+
⭐ स्वाति 07:04
⛰️ Govardhan Puja / Annakut
शुक्ल द्वितीया 10
27
☼ 06:29 ☼ 17:40
🌙 वृश्चिक
⭐ विशाखा 08:29
✨ Bhai Dooj (Yama Dwitiya)
शुक्ल तृतीया 11
28
☼ 06:30 ☼ 17:39
🌙 वृश्चिक
⭐ अनुराधा 09:28
शुक्ल चतुर्थी 12
29
☼ 06:31 ☼ 17:38
🌙 वृश्चिक ➔ धनु 10:00
⭐ ज्येष्ठा 10:00
🐘 Vinayaka Chaturthi
शुक्ल पंचमी 13
30
☼ 06:31 ☼ 17:37
🌙 धनु
⭐ मूल 10:06
🌅 Chhath Puja (Surya Shashthi)
शुक्ल षष्ठी 14
31
☼ 06:32 ☼ 17:36
🌙 धनु ➔ मकर 15:35
⭐ पूर्वाषाढ़ा 09:44
शुक्ल अष्टमी 15
1
☼ 06:33 ☼ 17:35
🌙 मकर
⭐ उत्तराषाढ़ा 08:57
🔱 Masik Durgashtami
शुक्ल नवमी 16
2
☼ 06:33 ☼ 17:35
🌙 मकर ➔ कुंभ 19:03
⭐ श्रवण 07:46
तारीख : 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31
सूर्योदय 06:14 06:14 06:15 06:15 06:16 06:16 06:17 06:17 06:18 06:19 06:19 06:20 06:20 06:21 06:21 06:22 06:23 06:23 06:24 06:25 06:25 06:26 06:26 06:27 06:28 06:28 06:29 06:30 06:31 06:31 06:32
सूर्यास्त 18:06 18:05 18:04 18:03 18:02 18:01 18:00 17:58 17:57 17:56 17:55 17:54 17:53 17:52 17:51 17:50 17:49 17:48 17:47 17:46 17:45 17:44 17:43 17:42 17:41 17:40 17:40 17:39 17:38 17:37 17:36
🌿 मूल विचार ता.1 को ज्येष्ठा (अंत: 28:34+) • ता.2 को मूल (अंत: 28:32+) • ता.10 को रेवती (अंत: 11:49) • ता.11 को अश्विनी (अंत: 09:39) • ता.19 को आश्लेषा (अंत: 15:29) • ता.20 को मघा (अंत: 18:29) • ता.29 को ज्येष्ठा (अंत: 10:00) • ता.30 को मूल (अंत: 10:06)
⚡ पंचक विचार रोग पंचक: ता.6 से प्रारंभ (22:25) से ता.10 को समाप्त (11:49) तक। (पंचक में दक्षिण दिशा यात्रा, तृण/काष्ठ संग्रह व गृह की छत डालना वर्जित है।)
⚠️ भद्रा-विचार ता. 2 दिन दिन 12:19 से रात 11:07 तक [पाताललोक (शुभ)] • ता. 5 दिन दिन 04:00 से रात 02:54 तक [स्वर्गलोक (सामान्य)] • ता. 8 रात रात 09:53 से दिन 09:26 तक [मृत्युलोक (वर्जित)] • ता. 14 दिन दिन 11:06 से रात 11:52 तक [पाताललोक (धनप्रद)] • ता. 18 रात रात 06:54 तक [स्वर्गलोक (शुभ)] • ता. 22 दिन दिन 11:22 तक [मृत्युलोक (वर्जित)] • ता. 25 दिन दिन 11:05 से रात 10:31 तक [पाताललोक (शुभ)] • ता. 28 सायं सायं 05:31 से रात 04:27 तक [स्वर्गलोक (शुभ)] • ता. 31 रात रात 09:25 तक [मृत्युलोक (वर्जित)]
🚩 व्रत - त्यौहार कथा व मंत्र सहित
02 अक्टू.
शुक्र - गांधी-शास्त्री जयंती
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
03 अक्टू.
शनि - जीवित्पुत्रिका (जीउतिया) व्रत, महालक्ष्मी व्रत समापन
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
06 अक्टू.
मंगल - इन्दिरा एकादशी व्रत
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
08 अक्टू.
गुरु - गुरु-प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
10 अक्टू.
शनि - सर्वपितृ मोक्ष शनिश्चरी अमावस्या (पितृ विसर्जन)
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
11 अक्टू.
रवि - शारदीय नवरात्र प्रारम्भ (घटस्थापना / शैलपुत्री पूजन)
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
12 अक्टू.
सोम - द्वितीया - माँ ब्रह्मचारिणी पूजन, चंद्रदर्शन
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
14 अक्टू.
बुध - विनायक चतुर्थी व्रत, माँ कूष्माण्डा पूजन
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
16 अक्टू.
शुक्र - उपांग ललिता व्रत, सरस्वती आवाहन
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
17 अक्टू.
शनि - महाअष्टमी (दुर्गाष्टमी), माँ महागौरी पूजन
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
18 अक्टू.
रवि - महानवमी (नवरात्र हवन / पूर्णाहुति), माँ सिद्धिदात्री
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
20 अक्टू.
मंगल - विजयादशमी (दशहरा), अपराजिता पूजन, सीमोल्लंघन
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
21 अक्टू.
बुध - पापांकुशा एकादशी व्रत
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
23 अक्टू.
शुक्र - शुक्र-प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष)
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
25 अक्टू.
रवि - शरद पूर्णिमा (कोजागरी / रास पूर्णिमा, स्नान-दान)
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
26 अक्टू.
सोम - महर्षि वाल्मीकि जयंती, कार्तिक स्नान प्रारम्भ
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
29 अक्टू.
गुरु - करवा चौथ व्रत (करक चतुर्थी), संकष्टी गणेश चतुर्थी
📖 कथा, मंत्र व फल देखें ➔
⭐ राशि - फल 12 राशियां
मेष: स्वास्थ्य में सुधार होगा, रोग-शत्रु दोनों पराजित होंगे। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंगे।
वृष: व्यवसाय में वृद्धि होगी, झूठा आरोप अथवा बंधन का भय रहेगा। आर्थिक लेन-देन में सतर्कता बरतें।
मिथुन: धन-सम्पत्ति में वृद्धि होगी, विरोधी समझौता कर सकते हैं। पारिवारिक जीवन में हर्षोल्लास रहेगा।
कर्क: समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा, पूर्व में किए गए श्रम की पूरी उपलब्धि प्राप्त होगी।
सिंह: अल्प लाभ होगा, नौकरी में प्रतिकूल स्थानान्तरण का योग बन सकता है। व्यय पर नियंत्रण रखें।
कन्या: मानसिक उलझन बनी रहेगी, परिवार में व्यय हो सकता है। माह के उत्तरार्ध में आकस्मिक लाभ संभव।
तुला: व्यवसाय में वृद्धि होगी, प्रेम सम्बन्धों में निखार आएगा। भौतिक सुख-साधनों की प्राप्ति होगी।
वृश्चिक: धन व संतान पक्ष से संतुष्टि मिलेगी, गुरुजनों के मार्गदर्शन से कठिन कार्य सिद्ध होंगे।
धनु: स्त्री-संतान से मतभेद की संभावना, माता-पिता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
मकर: व्यर्थ के लड़ाई-झगड़े से बचें, माह के अंत में अनुकूलता आएगी व रुके धन की प्राप्ति होगी।
कुम्भ: अकस्मात कोई विपत्ति टल जाएगी, पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा।
मीन: आय की अपेक्षा व्यय अधिक होगा, उच्च अधिकारियों से मतभेद टालें। धार्मिक यात्रा के योग हैं।
🔢 अंक ज्योतिष (Numerology) मूलांक 1-9
यूनिवर्सल मंथ अंक: 8 कर्म, अनुशासन व आर्थिक उपलब्धि का मास (शनि)
मूलांक 1 (स्वामी: सूर्य) जन्म: 1, 10, 19, 28
कार्यक्षेत्र में नेतृत्व का अवसर मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। नवीन योजनाओं का क्रियान्वयन सफल रहेगा।
शुभ अंक: 1, 9, 3 | शुभ रंग: सुनहरा, पीला, नारंगी
उपाय: प्रातः सूर्य देव को रोली मिश्रित जल से अर्घ्य दें।
सितम्बर - 2041
रवि
1
8
15
22
29
सोम
2
9
16
23
30
मंगल
3
10
17
24
-
बुध
4
11
18
25
-
गुरु
5
12
19
26
-
शुक्र
6
13
20
27
-
शनि
7
14
21
28
-
प्रमुख पर्व: • 5: श्री कृष्ण जन्माष्टमी • 14: हरितालिका तीज • 15: गणेश चतुर्थी • 18: अनंत चतुर्दशी (विसर्जन) • 25: श्राद्ध पक्ष प्रारम्भ • 29: संकष्टी चतुर्थी
Maa Durga Wall Calendar Sacred Illustration
॥ जय माता दी • शुभ शारदीय नवरात्रि व विजयादशमी आशीर्वाद • सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके ॥
नवम्बर - 2041
रवि
3
10
17
24
-
सोम
4
11
18
25
-
मंगल
5
12
19
26
-
बुध
6
13
20
27
-
गुरु
7
14
21
28
-
शुक्र
1
8
15
22
29
शनि
2
9
16
23
30
प्रमुख पर्व: • 1: अहोई अष्टमी • 5: रमा एकादशी / गोवत्स द्वादशी • 6: धनतेरस (धनत्रयोदशी) • 7: काली चौदस • 8: दीपावली / नरक चतुर्दशी • 9: सोमवती अमावस्या • 10: गोवर्धन पूजा / अन्नकूट • 11: भाई दूज (यम द्वितीया) • 15: छठ पूजा (सूर्य षष्ठी) • 20: देवोत्थान एकादशी • 21: तुलसी विवाह • 24: कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)
🌿
आरोग्य व मौसमी स्वास्थ्य विचार: शरद ऋतु में पित्त शमन हेतु गाय का शुद्ध घी, मुलेठी, त्रिफला, आंवला व नारियल जल का सेवन अत्यंत लाभकारी है। अधिक खट्टे, तीखे व तले पदार्थों से परहेज करें।
ऋतु अनुकूल आहार (Cancer-Fighting & Immunity Foods): अलसी (Flax seeds), हल्दी-काली मिर्च, गिलोय, तुलसी, ब्रोकोली, चुकंदर, अनार, हरी चाय व सहजन स्वास्थ्य संवर्धन व रोग प्रतिरोधक क्षमता में अत्यंत गुणकारी हैं।